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हर पल खुशनुमा बने जय श्री श्याम, पार्थ सी एस क्लासेज सीकर, राजस्थान

Human rights

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Indian Troops ,Today Bhaskar

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सैनिकों के भारत माता को समर्पित विचार #India भारत मां के लिए वक्त के मैदान पर एक वीर सैनिक  वीरता के लम्हे गढ़ रहा है   हौसले आसमान को छु रहे हैं  टूट न जाएँ सपने देशभक्ति के आज कुछ अनोखे किरदार के सपने बुन रहा है सरहदों के........ तन पे साजोसमान मन में भारत मां का गान देश भक्ति के प्रेम में कहता है भारत मां को मिट्टी से बने है हम  तिरंगे में मिलना है  सरहद पर यूँ ही चलना है यही तो भारत मां का कहना है।  #India जब सरहद पर....... China झूम-कर आया था। छोटी-छोटी आंखो के साथ।। तब सरहद पर........... भारतीय वीरों ने अदम्य। शौर्य और पराक्रम दिखाया।। जब सरहद पर.............. Modi ने शंखनाद बजाया आसमान वायुयान से गुंजाया।। तब सरहद पर......... बिहार रेजीमेंट के सैनिक वीरता बल दिखाया   चीनयो को।। जब सरहद पर............... नदियो ने मचल मचल कर। चीनीयो को बहाव में गिराया। तब सरहद पर............ फिर सोचा ये पागल चीन। में क्यों राह भटक कर हुआ विश्वसमुदाय...

अपना देश अपनी संस्कृति - "इंसाफ की तलाश"

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अपना देश अपनी संस्कृति, महान देश महान संस्कृति   फिर भी क्यों उठानी पड़ती है आवाज "इंसाफ" के लिए जुर्म के साए से निकलकर किसी तरह पीड़ीता न्याय मांगने जाती है, पर हर बात उसे तारीख मिलती है,साथ मिलती है निराशा। सालो बीत जाने के बाद आज एक बार फिर उसकी बीते टूट गई और अगली तारीख से संग हाथ आयी उसके निराशा और सिर्फ निराशा! पेश है इसी दृश्य पर आधारित यह कविता- इंसाफ की तलाश अब आंखें भी डूब चुकी मेरी, अश्रुधारा के बहाव में। नारे लगाउं या मोमबत्तियां, कुछ कह दो तुम ही सुझाव में । संस्कार सभी के नष्ट हो रहे, आचरण भी अब भ्रष्ट हो रहे, अन्धकार छा रहा चारों ओर, नैतिकता के अभाव में। बेरहम लगती हरकतें तुम्हारी, अजीब तुम्हारे इरादे है। होने लगा अब शंशय मुझको, जरूर हो तुम किसी दबाव में। करते हो नहीं तुम तो कुछ भी, फिर उलझे हो किस प्रयास में? तारीख देना और भूल जाना, है इतना ही तुम्हारे बर्ताव में? हर दिन की कहानी हो चुकी है, हर रोज़ डराया जाता है। महफूज़ नहीं मैं आज कहीं भी, कुछ भी न पाया बदलाव में। साल बदले, सरकारें बदली, ज़ख्म अभी भी ताज़ा है। कब मि...

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