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हर पल खुशनुमा बने जय श्री श्याम, पार्थ सी एस क्लासेज सीकर, राजस्थान

Human rights

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Indian culture , भारतीय संस्कृति के विचार

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Indian Culture  वो ज़माना और था....... जिसमें दरवाजों पे ताला नहीं भरोसा लटकता था , खिड़कियों पे पर्दे भी आधे होते थे, ताकि रिश्ते अंदर आ सकें। पड़ोसियों के आधे बर्तन हमारे घर और हमारे बर्तन उनके घर मे होते थे। पड़ोस के घर बेटी पीहर से आती थी तो सारे मौहल्ले में रौनक होती थी , गेंहूँ साफ करना किटी पार्टी सा हुआ करता था वो ज़माना और था...... जब छतों पर किसके पापड़ और आलू चिप्स सूख रहें है बताना मुश्किल था। जब हर रोज़ दरवाजे पर लगा लेटर बॉक्स टटोला जाता था , डाकिये का अपने घर की तरफ रुख मन मे उत्सुकता भर देता था । वो ज़माना और था...... जब रिश्तेदारों का आना, घर को त्योहार सा कर जाता था , मौहल्ले के सारे बच्चे हर शाम हमारे घर ॐ जय जगदीश हरे गाते .....और फिर हम उनके घर णमोकार मंत्र गाते । जब बच्चे के हर जन्मदिन पर महिलाएं बधाईयाँ गाती थीं....और बच्चा गले मे फूलों की माला लटकाए अपने को शहंशाह समझता था। जब भुआ और मामा जाते समय जबरन हमारे हाथों में पैसे पकड़ाते थे...और बड़े आपस मे मना करने और देने की बहस में एक दूसरे को अपनी सौगन्ध दिया करते थे। वो ज़माना और था ...... कि जब शादियों...

Indian Troops ,Today Bhaskar

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सैनिकों के भारत माता को समर्पित विचार #India भारत मां के लिए वक्त के मैदान पर एक वीर सैनिक  वीरता के लम्हे गढ़ रहा है   हौसले आसमान को छु रहे हैं  टूट न जाएँ सपने देशभक्ति के आज कुछ अनोखे किरदार के सपने बुन रहा है सरहदों के........ तन पे साजोसमान मन में भारत मां का गान देश भक्ति के प्रेम में कहता है भारत मां को मिट्टी से बने है हम  तिरंगे में मिलना है  सरहद पर यूँ ही चलना है यही तो भारत मां का कहना है।  #India जब सरहद पर....... China झूम-कर आया था। छोटी-छोटी आंखो के साथ।। तब सरहद पर........... भारतीय वीरों ने अदम्य। शौर्य और पराक्रम दिखाया।। जब सरहद पर.............. Modi ने शंखनाद बजाया आसमान वायुयान से गुंजाया।। तब सरहद पर......... बिहार रेजीमेंट के सैनिक वीरता बल दिखाया   चीनयो को।। जब सरहद पर............... नदियो ने मचल मचल कर। चीनीयो को बहाव में गिराया। तब सरहद पर............ फिर सोचा ये पागल चीन। में क्यों राह भटक कर हुआ विश्वसमुदाय...

Guru Purnima of The Day

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माँ को समर्पित विचार~ माँ की तरह कोई और ख़्याल रखे..! बस ख़्याल ही है इस जीवन में..!! माँ तुमको सोचा..तो..हर सोच में..!   खुशबू उतरी........इस जीवन में..!! माँ तुमको लिखा तो हर एक लफ्ज़ में..! महकता पाया...... इस जीवन में..!! सब कुछ पाना है तो फिर अच्छा क्या है..! माँ के चरण के अलावा.....इस जीवन में..!! दो पल की जिंदगी मैं माता-पिता है...! और रक्खा ही क्या है.....इस जीवन में..!! चाय में चीनी की जगह और क्या मिलाएंगे..! मित्रता के अनुभव मिलाएंगे इस जीवन में..!! आजा ऐ ज़िन्दगी तुझे क्या पिलाएंगे हम..! कड़क चाय पिलाएंगे...... इस जीवन में..!! हम भी मुस्कराते है बेपरवाह अन्दाज़ से ..! जब माँ गलेे लगाती .......इस जीवन में...!! चलो मुस्कुराने की वजह ढूंढते हैं जहां में..! माँ ही तो है सब कुछ  ...... इस जीवन में..!! जिन्दगी तुम हमें ढूंढो... हम तुम्हे कहां ढूंढे ... आखिर पाया माँ है सब कुछ इस जीवन में...!!      ➖✍️ भास्कर विचार व्यक्तित्व की पहचान है- भास्कर

चेतावनी रा चूंगट्या , China , Nepal , Pakistan

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#Listen_China तुम कहो तो--- बयां कर दूं हकीकत देशवासियों की,   चंद पल में किस्सा खत्म होने का...!!  #Made in India, Missed call - 7834 998 998 पर मर्यादा है कि---- विश्व कुटुंबकम के विचार हमारे, उपर उठ जाओ शब्दों में तुम हमारे, खोज रहे है ठिकाने दुश्मन के भी, क्या है कारण तेरे-मेरे झड़प का भी, पूछ रहा है सम्पूर्ण विश्व के भी .... सुनो चीन मत देखो छोटी-छोटी आंखों से अंधेरा विराट हृदय का भारत, बदले विचार हमारा अपने आसमान से मेरी ज़मीन मत देखो, तुम्हारे ख्वाब पूरे नहीं होंगे अब ये देखो, अब अगर आजमाना है तो मैदान में देखो, झूठ मत बोलो वरना काल कपाल में देखो    सुनो चीन आसमान में गड़गड़ाहट धरती पर धड़-धड़ाट विराट हृदय की आहट  टिक टॉक नहीं टिकेगा अब घुटने भी टिकेगा  विचार व्यक्तित्व की पहचान है ~ भास्कर

India and China controversy, Dedicated ideas of Indian army for the country

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~ "भारत के प्रति मेरा चिंतन" ~  मैं करूं कैसे भरोसा तुम पर मेरे बांहों मैं अत्याचार इतना की कैसे करू में बखान............ कश्मीर दे सकते हैं, सियाचिन दे सकते हैं, POk दे सकते है, अक्साई चीन भी दे सकते है.. सिर्फ कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी किसी को नहीं दे सकते है..!! क्या वो.... मुश्किलें.. इतनी जटिल थी, की हर रिस्ता, सिर्फ कुर्सी का जमाना हुआ, आज हम बदल गए हैं, बदले हुए राजनीतिक विचार भी हर भारतीय नागरिक जानता है। कल तक जमाना और था लेकिन अब सबकी आंखों में नूर है जो कल तक नहीं था हर अहसास अब बदले हुए है पहुंचते हैं आज गलवान तक  दुश्मन की ख्वाहिश नाकाम करने  चाहे कश्ती  डूब जाए हमारी हम भारत माता के वीर सपूत है इसलिए आज कदर है हमारी .....! भारतीय सैनिकों का जज्बा हमेशा दुश्मन को ठिकाने लगाना होता है लेकिन राजनीतिक विचारधारा जब देश हित में काम कर रही हो तब उनका जज्बा दुगुना हो जाता है और भारतीय सैनिक तो हमेशा भारत माता के प्रति स्वाभिमान की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। बस एक लम्हा.. बिहार र...

Susant Singh Rajput

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सुशांत सिंह राजपूत समर्पित विचार ~ कभी-कभी... जीवन में...... सुई - धागे.... मिलते नहीं है... बस केवल....... इंतजार में..….. बिखर जाते हैं.... सु शांत..... नीदरलैंड, विसेंट वेन गॉग की पेंटिंग- स्टारी नाइट,1889 में गॉग ने बनाया तथा 1890 में गॉग ने 37शाल की उम्र में खुदकुशी के की थी । बड़ी महफ़िल का प्यारा दो गज रस्सी से हार गया जिंदगी की उलझन  सुई-धागा के प्रेम में .... उसे यू सरेआम बिखार गया... असफलताओं का दौर ..... निराशा का जोर नहीं ....... कच्चा प्रेम का धागा था..... बस यूं ही टूट गया........ मां का प्यार अधूरा था.. बस यूं ही खोज रहा था... अपना, कोई मिलने वाला था.. मुझे नहीं मालूम था...... अधूरा का अधूरा ही था...... हंसते मुस्कुराते हुए.. कुछ पल में...... नहीं मिला मुझे यहां... तो चल बसा वहां..... फ़िलहाल अभी आपसे, हम दूर हुए है.. ऐसा नही हम आप से, मजबूर हुए है.. मेरी गलती है .... लेकिन जिंदगी में.. बस इंतज़ार ............ धैर्य रखो मित्र.. बेसहारों का सहारा है.. "परमात्मा" दूर सही..... ...

उदंत मार्तंड

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आधुनिक युग में, नवाचार के साथ, नए विचार की ओर अग्रसर होते हैं, वर्तमान समय  कोरोना वायरस की आपदा और अनेक परिस्थितियों से जूझ रहा है इनके प्रति हमारे विचार आपको प्रस्तुत है। 5 जून 2020  उदंत मार्तंड-१ 3 जून विश्व में साइकिल दिवस के रूप में मनाया जाता है। 5 जून , विश्व पर्यावरण दिवस, के रूप में मनाया जाता है। क्या देश को स्वामी विवेकानंद जी जैसे विचार और शहीद भगत सिंह जैसे स्वाभिमान की रक्षा करने वाले वीर पुरुषों की जरूरत है- जी हां, यह कहने में कोई संकोच नहीं है। वर्तमान स्थिति पर मंथन या विचार करें तो सिद्ध होता है की चीन अपने स्वार्थ के लिए व्यापारिक उद्देश्य को पूरा करने के लिए पूरे विश्व में उत्सर्जित कोरोना वायरस वैश्विक महामारी का रूप दिया है और विश्व के बड़े-बड़े संगठन इस पर कहने से एतराज कर रहे हैं या नजरअंदाज कर रहे हैं जब भारत की स्थिति देखें तो एक तरफ कोरोनावायरस, दूसरी तरफ पाकिस्तान का आंतकवाद, तीसरी तरफ नेपाल का नया सिलसिला सीमा विवाद यह सब एक के कहने पर ही हो रहा है जब नेपाल के नेताओं से पूछा गया कि आप अब कैसे जागे तब उन्होंने उत्तर दिया नेपाल ...

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