हर पल खुशनुमा बने जय श्री श्याम, पार्थ सी एस क्लासेज सीकर, राजस्थान

Human rights

चित्र
ekuokf/kdkj ds vf/kdkj “kCn dks ifjHkkf’kr djr s gq, gSjkYM ykLdh us dgk gS & vf/kdkj ekuo thou dh ,slh ifjfLFkfr;kW gS ftuds fcuk lkekU;r% dksbZ O;fDRk vius O;fDrRo dk iw.kZ fodkl ugh dj ldrk gSA vr% ekuokf/kdkj ds ckjs esa ;g dguk rdZ laxr gksxk fd ,sls vf/kdkj ftuds fcuk ekuo esa ekuo gksus ds QyLo:Ik vUrfufgr gSA ekuokf/kdkj os vf/kdkj gS tks ,d ekuo gksus ds ukrs fuf”fpr :Ik ls feyus pkfg;s ekuokf/kdkj “kCn dk iz;ksx bldh lkoZHkkSe ?kks’k.kk gksus ds lkFk gh 1948 esa fd;k x;k tks ewyRk% vBkjoh “krkCnh ds ekuo dk vf/kdkj dk iqUk% izoZru dj cuk;k x;kA Human right book ekuokf/kdkj dks oxhZdj.k     ekuokf/kdkj dks yqbl ch lksgu us viuh iqLrd n U;w bUVjus”kuy ykW izksVsD”ku vkWQ n jkbVZl vkWQ bUMhfotoyl jknj nu vkWQ LVsVl esa rhu Hkkxks eas oxhZd`r fd;k gSA ekuo vf/kdkj izFke ih<+h ds ekuokf/kdkj & izFke ih<h ds ekuokf/kdkjksa esa os ekuof/kdkj gS tks fpjdky ls ijEijkxr :Ik ls fo?keku jgs gSA flfoy ,oa jktuhfrd vf/kdkjksa dks lfEefyr fd;k x;k gS] mldk...

राजगढ़ थानाप्रभारी विष्णुदत्त विश्नोई, जिन्होंने सरकारी क्वार्टर में खुदकुशी की

     Negative news of the day
ईमानदार, निष्ठा पूर्वक कर्तव्य पूरे करने वाले एक सरकारी अफसर के साथ गलत व्यवहार करना इससे बड़ी घटिया राजनीति क्या होगी....….......................................  

राजस्थान / पुलिस इंस्पेक्टर ने सरकारी क्वार्टर में खुदकुशी की, परिचित को चेटिंग में लिखा- मुझे गंदी राजनीति में फंसाने की साजिश

*राजगढ़ थानाप्रभारी विष्णुदत्त विश्नोई, जिन्होंने सरकारी क्वार्टर में खुदकुशी की*

*चुरु जिले के राजगढ़ थाने में थानाप्रभारी थे इंस्पेक्टर विष्णुदत्त विश्नोई*

*पुलिस महकमे में अपने सामाजिक नवाचारों से थी विश्नोई की अच्छी पहचान*

*मौत से पहले क्वार्टर में लिखा था सुसाइड नोट, पुलिस ने जब्त किया*

*चुरु*. जिले में राजगढ़ *थानाप्रभारी विष्णुदत्त विश्नोई* ने शनिवार अलसुबह अपने सरकारी क्वार्टर में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। सुबह काफी देर तक क्वार्टर से बाहर नहीं आने पर स्टॉफ ने दरवाजा खोलकर देखा तो पुलिस इंस्पेक्टर विष्णुदत्त के खुदकुशी करने की बात सामने आई। इस बीच घटना का पता चलने पर चुरु एसपी तेजस्विनी गौतम सहित आला अधिकारी और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद बीकानेर के रेंज आईजी जोस मोहन भी राजगढ़ के लिए रवाना हो गए। मौका मुआयना करने के बाद शव को अस्पताल ले जाया गया। जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है। जिसकी जांच की जा रही है।

*सोशल एक्टिविस्ट से चेटिंग में कहा-अफसर कमजोर है, मुझे गंदी राजनीति में फंसाने की कोशिश हो रही है*

खुदकुशी करने से पहले थानाप्रभारी ने एक सुसाइड नोट लिखा था। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि इसमें किसी के नाम का जिक्र नहीं है।इसके अलावा यह भी पता चला है कि खुदकुशी से एक दिन पहले इंस्पेक्टर विष्णु दत्त ने अपने परिचित सोशल एक्टिविस्ट से व्हाट्सएप पर चेटिंग की थी। जिसमें लिखा था राजगढ़ में उन्हें गंदी राजनीति के भंवर में फंसाने की कोशिश हो रही है। ऐसे में वह अब स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले है। यहां के ऑफिसर बहुत कमजोर है। इस व्हाट्सएप चेटिंग के स्क्रीन शॉट भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। मामले में डीजीपी भूपेंद्र सिंह का कहना है कि इसकी जांच करवाई जाएगी। डीजीपी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि विष्णुदत्त एक अच्छे अफसर थे। हर कोई अधिकारी उन्हें अपनी टीम में लेना चाहता था।

*थानाप्रभारी की सुसाइड से आक्रोशित लोगों ने कांग्रेस विधायक के खिलाफ नारेबाजी की*

वहीं, थानाप्रभारी विष्णुदत्त की खुदकुशी का समाचार सुनकर स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया। वे थाने के सामने इकट्‌ठा होकर एक स्थानीय कांग्रेस विधायक के खिलाफ नारेबाजी शुरु कर दी। वे विष्णुदत्त अमर रहे और विष्णुदत्त को न्याय दिलाओ के नारे लगाने लगे। बताया जा रहा है कि चुरु जिले के सादुलपुर में राजेंद्र गढ़वाल की अज्ञात बदमाशों ने गैंगवार में गोली मारकर हत्या कर दी थी। जिसमें वे शुक्रवार रात तक गैंगवार का खुलासा कर हत्या के केस में अनुसंधान में जुटे हुए थे। स्टॉफ के मुताबिक शुक्रवार देर रात वे थाना परिसर में बने क्वार्टर में पहुंचे। वहां फंदा लगाकर जान दे दी।

*सोशल मीडिया पर हजारों फॉलोवर, महकमे में एक तेज तर्रार व ईमानदार अफसर की छवि*
विष्णुदत्त एक तेज तर्रार अफसर थे। पुलिस महकमे में सामाजिक नवाचारों को लेकर उनकी कार्यप्रणाली खासी चर्चाओं में रहती थी। उनकी लोकप्रियता का इसी से पता चलता है कि सोशल मीडिया पर उनके हजारों की संख्या में फॉलोवर थे। इस पर वे पुलिस व पब्लिक के बीच न्याय स्तंभ का काम चलाते थे। इस महकमे में विष्णुदत्त की एक ईमानदार छवि थी। वे करीब 13 थानों की कायापलट कर चुके थे। वे मूल रुप से रायसिंहनगर, हनुमानगढ़ के रहने वाले थे। वर्ष 1997 में पुलिस विभाग में सबइंस्पेक्टर भर्ती हुए थे। उनके चाचा सुभाष विश्नोई भी एडिशनल एसपी रहे है।
   मनफूल रूहील पत्रकार      

टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

Welcome

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

विष्णु दत्त विश्नोई को समर्पित कविता

पर्यावरण के प्रति यादगार पल

Environment And Social Ideas , Politics Ideas, Corona time