हर पल खुशनुमा बने जय श्री श्याम, पार्थ सी एस क्लासेज सीकर, राजस्थान

Human rights

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उदंत मार्तंड

News of the day Dainik Bhaskar
आधुनिक युग में, नवाचार के साथ, नए विचार की ओर अग्रसर होते हैं, वर्तमान समय कोरोना वायरस की आपदा और अनेक परिस्थितियों से जूझ रहा है इनके प्रति हमारे विचार आपको प्रस्तुत है। 5 जून 2020 उदंत मार्तंड-१


3 जून विश्व में साइकिल दिवस के रूप में मनाया जाता है।
विश्व साइकल दिवस 3 जून
5 जून , विश्व पर्यावरण दिवस, के रूप में मनाया जाता है।
क्या देश को स्वामी विवेकानंद जी जैसे विचार और शहीद भगत सिंह जैसे स्वाभिमान की रक्षा करने वाले वीर पुरुषों की जरूरत है-
जी हां, यह कहने में कोई संकोच नहीं है।
वर्तमान स्थिति पर मंथन या विचार करें तो सिद्ध होता है की चीन अपने स्वार्थ के लिए व्यापारिक उद्देश्य को पूरा करने के लिए पूरे विश्व में उत्सर्जित कोरोना वायरस वैश्विक महामारी का रूप दिया है और विश्व के बड़े-बड़े संगठन इस पर कहने से एतराज कर रहे हैं या नजरअंदाज कर रहे हैं

जब भारत की स्थिति देखें तो एक तरफ कोरोनावायरस, दूसरी तरफ पाकिस्तान का आंतकवाद, तीसरी तरफ नेपाल का नया सिलसिला सीमा विवाद यह सब एक के कहने पर ही हो रहा है जब नेपाल के नेताओं से पूछा गया कि आप अब कैसे जागे तब उन्होंने उत्तर दिया नेपाल की जनता का विचार है जिससे संसद में नक्शा विवाद को मंजूरी मिली।

क्या भारतीय नागरिक का आक्रोश देश के प्रति, स्वाभिमान की लड़ाई के लिए खत्म हो गया जी नहीं हम मानवता के प्रति विचार करते हैं लेकिन मानवता के नाम से बनी हुई बड़ी-बड़ी संस्थाएं इसके प्रति एक शब्द भी नहीं बोलती है इसलिए अब समय आ गया है की भारत आत्मनिर्भर बने और अपने स्वाभिमान की लड़ाई के लिए आत्मनिर्भरता के विचार के प्रति
दखल देने वालों कार्रवाई करें और अपनी आवाज को और मजबूती के साथ उठाएं


भारत का सैनिक जब देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर देते हैं ,
तब उनके माता-पिता, पत्नी और सैनिक के बेटे और बेटियां सिर का साया चला जाता है फिर भी आंख में आंसू का दर्द भी मन ही मन में देश के स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना दर्द भी बयां नहीं करते हैं ।
क्या हमारा भी कुछ कर्तव्य है-
हमारे देश की रक्षा के लिए हम अपने देश में बनी हुई वस्तुएं खरीदने में क्यों संकोच कर रहे हैं और यह तो स्पष्ट है की हम जिस विदेशी उत्पाद का उपयोग करते हैं और उसके कमाई से हम पर अत्याचार हो रहा है जिसका नतीजा भारतीय सीमा पर वर्तमान कोरोना वायरस बीमारी के साथ नजर आ रहा है और पड़ोसी देख कर के हंस रहा 
बहिष्कार करे और स्वदेशी अपनाएं

भारतीय युवा, आत्म निर्भर विचार को शक्ति देने के लिए जिम्मेदार है क्योंकि हम युवा लोग अपने समाज में सकारात्मक विचार पैदा करने की शक्ति रखते हैं।


जब हम पुरानी दासता को याद करें तो हम अंग्रेजों के गुलाम हो गए थे उसी भांति अब भी खतरे की घंटी मॉल ले सकते हैं यदि हम इस पर जागरूकता नहीं दिखाई।
क्या हम अंधेरे में चल रहे हैं।
जी हां, वर्तमान समय में कई विचार जनता तक नहीं पहुंच पाते हैं उसका कारण अपना पेट भरना और लोगों को कटघरे में खड़े कर देना यह विचार सात्विक सत्य है क्योंकि कई मीडिया वाले लोग अपने स्वार्थ और अन्य देश का स्वार्थ सिद्ध करने के लिए देश का अहित होने वाले विचार पर एक शब्द भी नहीं बोलते हैं देश के प्रति कल्याण की भावना का ढोंग रचते हैं

क्या देश के युवा आत्मनिर्भरता को बल देने के लिए अपने विचार देश के प्रति अहित को रोकने के लिए सामने नहीं आएंगे

हमारे देश में केवल अपनी जेब भरने के लिए हिंदू मुस्लिम धर्म विवाद में फसाया जाता है और अहित तो दोनों का ही हो जाता है स्वार्थ सिद्ध तो केवल राजनीति करने वाले का ही होता है इसलिए देश के प्रति आत्मनिर्भरता को बल देने के लिए एकता का संदेश देने के लिए युवा जिम्मेदार है
राजनीति करने वाले लोग-
कोरोना वायरस की महामारी से सभी व्यवसाय बंद है बिजली का बिल माफ हुआ, किसी ने आवाज उठाई- नहीं
राजनीति के पक्षधर लोग कहा की सरकार कोरोना वायरस के काल में अपने कर्तव्यों के प्रति नाकाम हुई तो मेरा प्रश्न है की उन लोगों ने सरकार को कहां की विकासात्मक कार्य नहीं किया आपने तो उत्तर - नहीं 
युवाओं को जागरूकता भी लानी होगी
वोट धर्म के नाम पर नहीं, विकास के कार्य पर मांगो
यह संदेश ही केवल मात्र उपाय है जो धार्मिक उन्माद को फैलाने से रोक सकता है।
विदेश में जाकर भी अपने देश की उत्पादित मूंग दाल का भोजन किया-स्वामी विवेकानंद
पर्यावरण के प्रति भी जिम्मेदार बनना होगा
यदि पेड़ नहीं होंगे, जीवन आज है कल नहीं होगा 
पेड़ कटते हैं
परिंदों 
के घर लूटते हैं हम
पेड़ कटते हैं
छांव और ऑक्सीजन
के लिए भागते हैं हम

विपरीत परिस्थितियों में भी निराश नहीं होना चाहिए, जापान में कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए उत्साहित करने के लिए पटाके फोड़े गए लेकिन हम भारतीय लोग भारतीय संस्कृति के अनुसार पर्यावरण को क्षति नहीं पहुंचाएंगे बस केवल उच्च विचारों के साथ जिएंगे
Be positive always- Bhaskar
आज के विचार-अपने परिवार में एक नई क्रांति और जागरूकता पैदा करें और आपके विचार भी मुझे कमेंट करके जरूर बताना है
आओ मिलकर चलें एक कदम देश की ओर
जिंदगी बेहतर तब होती है 
जब आप खुश होते हैं.... 
लेकिन 
जिंदगी बेहतरीन तब होती है
जब आपकी वजह से कोई खुश होता है ...
धन्यवाद 

टिप्पणियाँ

  1. हम आपकी बात से सहमत है
    हमें भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरा प्रयास करें
    स्वदेशी अपनओ ओर अपने देश को आत्मनिर्भर बनाइए
    जय हिन्द
    जय भारत

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