हर पल खुशनुमा बने जय श्री श्याम, पार्थ सी एस क्लासेज सीकर, राजस्थान

Human rights

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Savtantra Sangrami Mangal Pandey

~स्वतंत्रता संग्रामी मंगल पांडे~
1857 ki Kranti Mangal Pandey 1857
जन्मजयंती पर कोटि-कोटि नमन
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत मंगल_पांडे का जन्म -
19 Jul 1827: दुगवा, फैजाबाद, उ.प्र. हुआ था ।
न केवल ब्रिटिश राज का विरोध किया था बल्कि देश हित और अपने धर्म की रक्षा में अपना जीवन ही न्योछावर कर दिया था।।
फाँसी: 8 Apr 1857 बैरकपुर (प. बंगाल)
त्याग, बलिदान व राष्ट्रभक्ति की प्रतिमूर्ति अट्ठारह सौ सत्तावन की क्रांति के अग्रदूत वीर बलिदानी मंगल पांडे जी तथा भारत की स्वाधीनता के महायज्ञ में प्रथम आहुति देने वाले क्रांति के अग्रदूत माने जाने वाले मंगल_पांडे को की जन्मजयंती पर कोटि-कोटि नमन...
बंदूक बड़ी बेवफा माशूका होती है वह कब किधर मुंह मोड़ ले इसका कोई भरोसा नहीं
जब आप अपने देश की रक्षा करते हैं तो धर्म की रक्षा स्वयं ही हो जाती है
हमारी स्वतंत्रता के लिए लड़ाई एक चिंगारी है जो पूरे विश्व में विकराल रूप लेगी 
मंगल पांडे 
💫 मेरे बच्चे !
इस अंधेरे वक़्त में
गर न बन सको मशाल
छोड़ना मत तुम्हारी आस
लड़ना अँधेरे के खिलाफ
चमकना जुगनूओं की तरह..!!💫
💫 मेरे बच्चे !
अँधेरे से तुम मत घबराना
रखना विश्वास अपने मन के सूरज पर,
क्या हुआ जो दूर है तुम्हारी शुबह
अँधेरे में भी तुम खोज लेना अपनी राह
याद रखना बाँध कर गांठ
घने अँधेरे में ही फूटते हैं बीज
पहली बार जब......
पौधे लेते हैं साँस..!!💫 
विचार 
व्यक्तित्व की पहचान है भास्कर
1857ki Kranti

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