संदेश

हर पल खुशनुमा बने जय श्री श्याम, पार्थ सी एस क्लासेज सीकर, राजस्थान

Human rights

चित्र
ekuokf/kdkj ds vf/kdkj “kCn dks ifjHkkf’kr djr s gq, gSjkYM ykLdh us dgk gS & vf/kdkj ekuo thou dh ,slh ifjfLFkfr;kW gS ftuds fcuk lkekU;r% dksbZ O;fDRk vius O;fDrRo dk iw.kZ fodkl ugh dj ldrk gSA vr% ekuokf/kdkj ds ckjs esa ;g dguk rdZ laxr gksxk fd ,sls vf/kdkj ftuds fcuk ekuo esa ekuo gksus ds QyLo:Ik vUrfufgr gSA ekuokf/kdkj os vf/kdkj gS tks ,d ekuo gksus ds ukrs fuf”fpr :Ik ls feyus pkfg;s ekuokf/kdkj “kCn dk iz;ksx bldh lkoZHkkSe ?kks’k.kk gksus ds lkFk gh 1948 esa fd;k x;k tks ewyRk% vBkjoh “krkCnh ds ekuo dk vf/kdkj dk iqUk% izoZru dj cuk;k x;kA Human right book ekuokf/kdkj dks oxhZdj.k     ekuokf/kdkj dks yqbl ch lksgu us viuh iqLrd n U;w bUVjus”kuy ykW izksVsD”ku vkWQ n jkbVZl vkWQ bUMhfotoyl jknj nu vkWQ LVsVl esa rhu Hkkxks eas oxhZd`r fd;k gSA ekuo vf/kdkj izFke ih<+h ds ekuokf/kdkj & izFke ih<h ds ekuokf/kdkjksa esa os ekuof/kdkj gS tks fpjdky ls ijEijkxr :Ik ls fo?keku jgs gSA flfoy ,oa jktuhfrd vf/kdkjksa dks lfEefyr fd;k x;k gS] mldk...

कुछ नया करें, पर्यावरण के प्रति, Do new something for "The Environment"

चित्र
*20 May 2020 * 🍁आज की प्रेरणा🍁 पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाएं-  "एक कदम पर्यावरण की और"  🍃🌾🌾🍃🌾🌾 दुनिया में सबसे तेज़ रफ्तार दुआओं की होती है जो ज़ुबान तक पहुँचने से पहले ही ईश्वर तक पहुँच जाती है।  🍃🌾🌾🍃🌾🌾           *🍁 TODAY'S INSPIRATION 🍁* "The fastest speed in the world is of blessings which reaches God before reaching in your words"  always give blessings to others by heart… 🍃💫🍃💫🍃💫🍃💫🍃💫🍃🍃💫🍃💫🍃 विचार व्यक्तित्व की पहचान है- भास्कर  Please request to you create awareness

भास्कर श्री श्याम

चित्र
भारतीय संस्कृति के अनुसार किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले ईश्वर का ध्यान से करना चाहिए अर्थात जिस स्थान पर बैठते हैं वह स्थान ही परमात्मा का है जो वस्तु मिल रही है वह भी परमात्मा की है अर्थात सभी को जीव जंतु मानव जो भी सहयोगी मिल रहा है उनको हमारी तरफ से नमस्कार विचार, मनन, चिंतन, ईश्वर के नाम का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी है विश्वास रखिए जीत होगी  जय श्री श्याम विचार ही समाज को अंधेरे से निकलने के लिए उजाले का मार्ग प्रदान करता है विचार जो समाज को मार्ग प्रदान करें उसकी चर्चा जरूर होनी चाहिए क्योंकि मार्गदर्शन देना सबसे बड़ी सेवा है विचार व्यक्तित्व की पहचान है भास्कर जय श्री श्याम आओ मिलकर चले, तोड़ने वाले नहीं जोड़ने वाले बने समाज के लिए दुख दर्द मैं मार्गदर्शक जरूर बने अपनों के लिए बड़ों को सम्मान, प्यार दीजिए छोटों के लिए आओ मिलकर चले- भास्कर.........

अपना देश अपनी संस्कृति - "इंसाफ की तलाश"

चित्र
अपना देश अपनी संस्कृति, महान देश महान संस्कृति   फिर भी क्यों उठानी पड़ती है आवाज "इंसाफ" के लिए जुर्म के साए से निकलकर किसी तरह पीड़ीता न्याय मांगने जाती है, पर हर बात उसे तारीख मिलती है,साथ मिलती है निराशा। सालो बीत जाने के बाद आज एक बार फिर उसकी बीते टूट गई और अगली तारीख से संग हाथ आयी उसके निराशा और सिर्फ निराशा! पेश है इसी दृश्य पर आधारित यह कविता- इंसाफ की तलाश अब आंखें भी डूब चुकी मेरी, अश्रुधारा के बहाव में। नारे लगाउं या मोमबत्तियां, कुछ कह दो तुम ही सुझाव में । संस्कार सभी के नष्ट हो रहे, आचरण भी अब भ्रष्ट हो रहे, अन्धकार छा रहा चारों ओर, नैतिकता के अभाव में। बेरहम लगती हरकतें तुम्हारी, अजीब तुम्हारे इरादे है। होने लगा अब शंशय मुझको, जरूर हो तुम किसी दबाव में। करते हो नहीं तुम तो कुछ भी, फिर उलझे हो किस प्रयास में? तारीख देना और भूल जाना, है इतना ही तुम्हारे बर्ताव में? हर दिन की कहानी हो चुकी है, हर रोज़ डराया जाता है। महफूज़ नहीं मैं आज कहीं भी, कुछ भी न पाया बदलाव में। साल बदले, सरकारें बदली, ज़ख्म अभी भी ताज़ा है। कब मि...

अंधविश्वास और इसके परिणाम

चित्र
अंधेरे से उजाले की ओर "अस्सी प्रतिशत शिक्षित पर, अंधविश्वास का अंधेरा, कुरीतियों का इन पर क्यों डेरा" स्वयं जागो, दूसरों को जगाओ, अब तो मानव को जगाओ "नन्हा सा बालक नन्ही सी उम्मीदें है, जग का सवेरा,तो क्यों इनके जीवन में अंधेरा है" ब्यावर , अजमेर की घटना ऊपरी हवा बता कर भोपे ने लोहे के गरम चिपटा से दागा  पीड़ा में अधिक पीड़ा, कौन उठाए यह अंधविश्वास को दूर करने का बीड़ा  सामान्य तौर पर अजमेर, भीलवाड़ा के आस-पास  इस प्रकार की घटना होती रहती है बेजुबान दर्द में, मासूम हृदय में, विराट हृदय की उम्मीद पर काला धब्बा लगा देते हो मुझमें पीड़ा में पीड़ा क्यों करते हो अंधेरे में चिरा, मासूम जिंदगी में कर दो उजियारा थोड़ा  मां में मासूम भ्यो जग को , पीड़ा और संवेदना को देखकर, अंधविश्वास के मंदिरों में, ज्ञान का दीपक जला दो देखकर मां भारती की रक्षा के लिए,सपूत सीमा पर विराट हृदय दिखाया, मां को मेरे कर्तव्य के लिए, क्यों काला धब्बा हृदय पर दिखाया अंधविश्वास और इसके परिणाम मैंने इस कविता के माध्यम से बताया है मेरा उद्देश्य केवल अंधविश्वास को दूर ...

मजदूर व्यथा कोरोना काल

चित्र
मजदूर व्यथा - 4 गर लौट सका तो जरूर लौटूंगा, तेरा शहर बसाने को।   पर आज मत रोको मुझको, बस मुझे अब जाने दो।। मैं खुद जलता था तेरे कारखाने की भट्टियां जलाने को,   मैं तपता था धूप में तेरी अट्टालिकायें बनाने को। । मैंने अंधेरे में खुद को रखा, तेरा चिराग जलाने को।    मैंने हर जुल्म सहे भारत को आत्मनिर्भर बनाने को ।। मैं टूट गया हूँ समाज की बंदिशों से।  मैं बिखर गया हूँ जीवन की दुश्वारियों से। मैंने भी एक सपना देखा था भर पेट खाना खाने को। पर पानी भी नसीब नहीं हुआ दो बूंद आँसूं बहाने को। मुझे भी दुःख में मेरी माटी बुलाती है। मेरे भी बूढ़े माँ-बाप मेरी राह देखते हैं। मुझे भी अपनी माटी का कर्ज़ चुकाना है। मुझे मां-बाप को वृद्धाश्रम नहीं पहुंचाना है। मैं नाप लूंगा सौ योजन पांव के छालों पर। मैं चल लूंगा मुन्ना को  रखकर कांधों पर। पर अब मैं नहीं रुकूँगा जेठ के तपते सूरज में। मैं चल पड़ा हूँ अपनी मंज़िल की ओर। गर मिट गया अपने गाँव की मिट्टी में तो खुशनसीब समझूंगा। औऱ गर लौट सका तो जरूर लौटूंगा, तेरा शहर बसाने को। पर आज मत ...

World Hypertension day

चित्र
World Hypertension day Hypertation विश्व में उच्च रक्तचाप दिवस 17 मई को मनाया जाता है उच्च रक्तचाप का दिवस विश्व हाइपरटेंशन लीग द्वारा निर्धारित और आरंभ किया गया विश्व में हाइपरटेंशन लीग उच्च रक्तचाप के समाज व लीग के लिए एक छत का कार्य करता है इसका उद्देश्य रक्तचाप के बारे में जागरूकता फैलाना है International society of hypertension 1966 इंग्लैंड व वेल्स में चैरिटी के रूप में 2007 में स्थापित हुई उच्च रक्तचाप यह बीमारी संपूर्ण विश्व में है और यह एक साइलेंट किलर है अर्थात इस बीमारी का लक्षण भी पता नहीं चलता है और कब क्या हो जाए इसलिए 17 मई को संपूर्ण विषय में उच्च रक्तचापता के बारे में जागरूक अभियान चलाया जाता है  International society of hypertension संपूर्ण विश्व को एक सूत्र में जोड़ करके उच्च रक्तचापता के बारे में संपूर्ण समाज वह व्यक्तिगत को जोड़ करके रक्तचापता के बारे में जागरूक करती है विश्व हाइपरटेंशन लीग 2005 में अपना पहला दिवस 14 मई को मनाया और 2006 से 17 मई को मना रहा है मई का महीना MMM  मई माह मापन के रूप में मना रहा है उच्च रक्तचापता एक स...

मजदूर की व्यथा

चित्र
   मजदूर की व्यथा "दवाई का दर्द , धार्मिक उन्माद, राजनीति का नेता, शिक्षित का डिंडोरा, अफवाह का जहर, कोरोना काल में इनका सबसे ज्यादा रोना है" यदि एक दृष्टि मुझ पर होती तो मैं ईश्वर से प्रार्थना करता लेकिन कोई बात नहीं मैं तो मजदूर हूं इसलिए पैदल चलता था पैदल चल रहा हूं खामोशी तो आपके तजुर्बे को देखकर है मेरी जिंदगी पहले भी चल रही थी अब भी चल रही है आगे भी चलती रहेगी ज्यादा से ज्यादा परमात्मा का प्यारा हो जाऊंगा इससे ज्यादा कुछ नहीं है  मजदूर भी है और मजबुर भी ह मजदूर भी है और मजबुर भी है  जब मजदूर की मां पीड़ा देखकर अश्रु बहाती है तो मजदूर कहता है क्या कहती हो ठहरो  मां संकल्प अश्रु-जल-से-अपने। तुम दान कर चुकी पहले ही जीवन के सोने-से सपने। मां तुम ढाल हो जीवन मे विश्वास-रजत-नग पगतल में। पीयूष-स्रोत-सी बहा करो जीवन के सुंदर समतल में। मजदूर भी है और मजबुर भी है  मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दवाइयां पेटेंट की वजह से महंगी हो जाती है इससे आम आदमी व सरकार को ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ता है, समय का प्रभाव इस देश में धार्म...

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

विष्णु दत्त विश्नोई को समर्पित कविता

पर्यावरण के प्रति यादगार पल

Environment And Social Ideas , Politics Ideas, Corona time